रामलाल और रामप्यारी की कहानी – जवाबदारी
रामलाल ने अपनी पत्नी से गुस्से में कहा, “तुम बहुत आलसी हो। तुम कितना स्लो काम करती हो आपका काम नहीं पसंद मुझे । तुम अपना समय व्यर्थ करती हो । “
पत्नी अपने पति के ऐसे शब्दों से बहोत नाराज हो गई।
उसने अपने पति से कह, “ आप कल घर पर रहो और मैं खेत में काम करुँगी यहाँ आप मेरा काम करना ।
रामलाल ने हसी का ठहका मारा और कहा बस इतनी सी बात चलो मुझे मंजूर है।
रामलाल और रामप्यारी की कहानी – जवाबदारी Prerak Talks
रामलाल ने कहा, “गाय का दूध निकलना हैं, कपडे थोडे धोने हैं, बर्तन थोडे धोने हैं, मुर्गियों का थोड़ा ध्यान रखना हैं, घर की थोडी सफाई करनी हैं, और थोड़ा सूत की कटाई है। “ यह काम बहोत आसान है।
रामप्यारी खेत पर गई और रामलाल घर पर ठहर गया। उसने बर्तन लिया और गाय का दूध निकालने के लिए गया वहा गाय ने उसको जोर से लत मारी, उस दर्द के बारे वह न तो कपडे धो पाया न तो बर्तन, और मुर्गियों को चुग देना ही भूल गया और शाम हो गयी पता भी नहीं चला|

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शाम को जब रामप्यारी घर पर लोटी तो अपना सर झुकाकर चुप चाप घर लोट आई।
दोस्तों हर इंसान की अलग अलग जिम्मेदारियां होती हैं।
हमे किसी भी काम को छोटा बड़ा नहीं समझना चाहिए. हर इंसान का काम बड़ा है.
हमे किसी को जज नहीं करना चाहिए । हमे काम की रेस्पेक्ट करनी चाहिए.
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